शनिवार, 28 सितंबर 2024

मैं, तुम हूँ!

 


तुम मुझे भूल गए क्या?

मैं सदैव तुम्हारा साथ देता था 

तुम्हारा सहारा था 

सुख में 

दुख मे 

संघर्ष काल में 

उबरने की  छटपटाहट मे 

हाथ थाम लेता था 

तुम सदैव विजित रहे 

मेरे कारण 

तुम मुझे भूल गए! 

मैं 

तुम हूँ 

तुम्हारा अतीत 

तुम भूल गया क्या?

उठो, चल पड़ो!

शायद मैं थक गया हूँ!

 


पैर उठते नहीं 

शरीर को सहन नहीं कर पा रहे 

शायद मैं थक गया हूँ 

मस्तिष्क साथ नहीं दे रहा 

अंग किसी की नहीं सुन रहे 

शायद मैं थक गया हूँ 

अतीत बहुत याद आता है 

वर्तमान मुझे सताता है 

शायद मैं थक गया हूँ!

गुरुवार, 15 अगस्त 2024

बिंदु की रेखा !

रेखा 
महंगाई की 
लाल रंग की 
जबकि 
बढती है 
सब्जियों से हरी 

२ 
रेखा
शेयर बाजार की 
कभी ऊपर, कभी नीचे 
फिर ऊपर, और फिर नीचे
ऐसा प्रतीत होता है जैसे 
दंड पेल रहा पहलवान।


३ 
रेखा 
मान और सम्मान की 
कोई खींचता नहीं 
खीची जाती है 
स्वयं से... निरंतर प्रयास कर। 

४ 
रेखा 
लक्ष्मण न खीची थी 
माता सीता की रक्षा के लिए
लांघा सीता ने ही था 
अपहरण हो गया
अब कोई नहीं लांघता
कोई नहीं खींचता 
लक्षमण रेखा 
क्योंकि, 
अब लक्षमण नहीं !
किन्तु सीता भी कहाँ है!


५ 
रेखा
बिन्दुओं से बनती है
अनगिनत
किन्तु
रेखा सब पहचानते है 
बिंदु नहीं 
जबकि 
बिंदु
बूँद है 
बूँद से समुद्र बनता है 
बिंदु 
समापन है 
एक वाक्य का 
और जीवन का भी 
फिर भी
सब पहचानते है 
रेखा को, समुद्र को 
जीवन को 
जबकि सत्य 
बिन्दुओ से बना
पूर्ण विराम है। 


सन्नाटे में शेयर बाजार

जब शेयर बाजार में

 

शेयर गिरते है

 

तो कोहराम मच जाता है

 

जैसे

 

न रहा हो कोई अपना

 

लेकिन, जैसे ही

 

शेयर बाजार चढ़ता है

 

पसर जाता है सन्नाटा

 

उठावनी के बाद का.

बुधवार, 14 अगस्त 2024

#VineshPhogat का या कैसा दबाव !




क्या केंद्र की बीजेपी सरकार दबाव में आ जाती है. यदि ऐसा है तो यह कैसा दबाव?

 

 

 

 

 

 

 

विनेश फोगाट साफ़ साफ़ तौर पर ५० किलोग्राम वर्ग में फाइनल के लिए ओवर वेट थी. निस्संदेह यह ओवर वेट १०० ग्राम ही थी. तो इससे क्या?

 

 

 

 

इस बार स्वर्ण जीतने वाला पहलवान जापान का पहलवान विगत टोक्यो ओलंपिक्स में केवल ५० ग्राम के कारण डिसक्वालिफाई कर दिया गया था. उसने तो रोना धोना नहीं मचाया.

 

 

 

यह बात तो भारत का कुश्ती महासंघ भी जानता होगा. तो फिर फोगाट के १०० ग्राम को कई क्विंटल वजनी क्यों बना दिया गया?

 

 

 

 

क्या आवश्यकता थी, अपील में लाखो रुपये फिजूल खर्च करने की, जबकि परिणाम मालूम था? क्या विनेश फोगाट और हरियाणा के जाटों को चुनाव को ध्यान में रख कर खुश करने के लिए? किन्तु, यह तो तुष्टिकरण हुआ. चाहे वह मुस्लमान का हो या जाट का.

 

 

 

 

कुश्ती महासंघ और केंद्र सरकार  को इस प्रकार के दबाव से हट कर काम करना होगा. अन्यथा तुष्टिकरण के नुकसान इस ओलंपिक्स में हो गए और आगे भी होते रहेंगे.

 

 

 

 

देश के खेल प्रेमियों को याद रखना होगा कि भारत को कुश्ती का पहला पदक दिलाने वाले के डी जाधव हरियाणा के नहीं सतारा महाराष्ट्र के थे. कुश्ती किसी राज्य या जाति की बपौती नहीं.

 

 

 

उम्मीद बहुत कम है कि कुश्ती महासंघ और केंद्र सरकार तुष्टिकरण से उबरेंगी.

बुधवार, 17 जुलाई 2024

बीजेपी नहीं नरेन्द्र मोदी हारे!




नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के रूप मे दो बड़ी गलतियाँ की। पहली यह कि अधिकारी बिना डरे निर्णय ले सकें, उन्हें लौह सुरक्षा कवच दे दिया। वह सोचते थे कि आईएएस कार्यवाही के भय से निर्णय लेने मे हिचकता है। किंतु वह भूल गए कि कॉंग्रेस की संगत में अधिकांश आईएएस पैसे बनाने को महत्व दे ने वाला बन गया है ।सुरक्षा कवच पा के वह निश्चिंत हो भ्रष्टाचार मे डूब गया। 






दूसरी बड़ी गलती अपने दूसरे कार्यकाल में सबका साथ और सबका विकास के साथ सबका विश्वास जोड़ कर की । परिणामस्वरुप, CAA और nrc को लेकर मुसलमानों ने देश में युद्ध छेड़ दिया। ईश्वर की कृपा से देश corona की चपेट मे आ गया, अन्यथा देश को मुस्लिम आतंकवाद निगल जाता। बाद में मोदी जी ने संतृप्तिकरण का करेला चढ़ा कर इन्हें मालामाल कर दिया।





एक तरफ क्रुद्ध हिन्दू उनकी मुस्लिमपरस्त नीति पर क्रोध व्यक्त करता, दूसरी ओर मुसलमान पूरी दबंगई के साथ खुद को सताया हुआ बताता। मोदी जी रक्षात्मक होते चले गए, जबकि उनकी पहचान आक्रामक नेता के रूप मे थी।





दुखद सत्य यह था कि संतृप्तिकरण की होड़ में गृह मंत्री अमित शाह न तो CAA के विरुद्ध आंदोलन को कुचल पाए, न CAA लागू करवा पाए। कथित किसानों की अराजकता ने उन्हें निस्तेज कर दिया। बीजेपी के इन दो लौह नेताओं की छवि पर जंग लग गई।






बंगाल में मुसलमान हिन्दुओं को मारते रहे। बीजेपी की केंद्र सरकार हत्यारों को संतृप्त करती रही। निरीह हिन्दू कटता रहा। ऐसे मे हिन्दुओं को ममता शरण में जाना ही था।




इसका सबसे अधिक दुष्प्रभाव उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, बंगाल और पंजाब मे दिखाईं दिया। पूरे देश मे अच्छा प्रदर्शन करने वाली बीजेपी बहुमत से चूक गई।

गुरुवार, 4 जुलाई 2024

तिनका

 किसी को भी 

तिनका मत समझो 

परिस्थितियां अनुकूल हो तो 

हवा के साथ उड़कर 

तिनका भी 

आँख में घुस जाता है।

अकेला नही...!

कभी भी कोई 
न अकेला आता है 
न ही जाता है 
उसके साथ आते 
और साथ जाते हैं 
उसके कर्म 
पिछले जन्म के 
और अगले जन्म के लिए। 

आपके पाँव

गीले फर्श पर 

अपने पाँव 

मत रखियेगा मोहतरमा 

बेहद बेडौल है

दाग पड जाएंगे। 

भीगा क्यों?

मैं अकेला नहीं था 

बरसात थी 

वह साथ थी 

उसके हाथ मे छाता था।

फिर भी मैं भीग रहा था, 

क्योंकि

वह काफी ठिगनी थी। 

सोमवार, 1 जुलाई 2024

ममता बनर्जी के बंगाल में मुस्लिम राष्ट्र

बंगाल में एक महिला को १५ दिन पहले कोड़ों से पीटा गया. इस पिटाई का सरगना ममता बनर्जी के दल तृण मूल कांग्रेस का विधायक तजमुल हक़ था.




जब यह बात सामने आई और उससे इस विषय में पूछा गया तो विधायक ने कहा कि वह महिला चरित्रहीन दुष्ट जानवर थी. इसलिए उसकी पिटाई की गई. क्योंकि, मुस्लिम राष्ट में यह संभव नहीं.





ध्यान रहे कि पाकिस्तान बनाने के लिए पहली बड़ी आहट अविभाजित बंगाल के नोआखाली से १९४६ में आई थी. उस समय ५००० हिन्दुओं को मार डाला गया था. महिलाओं के साथ बलात्कार हुआ था. हजारों हिन्दुओं को जबरन मुस्लमान बनाया गया था.




नोट - देख लेना कि बीजेपी इस मामले को लोकसभा या राज्यसभा में बिलकुल नहीं उठायेगी.

शुक्रवार, 31 मई 2024

अल्पना

आज भी तुम

जब मुस्कराती हो 

लजाती सकुचाती हो 

रक्ताभ अपना मुख

नीचे झुकाती हो

तुम्हारे कपोलो की लालिमा

मेरे हृदय मे अंकित कर देती है 

प्रेम की अल्पना। 

शनिवार, 25 मई 2024

हाइकु चार

 साधु जा रहे

बह रही वायु भी

गति निर्बाध।

2
रोता बालक
बादल घिर आये
जल ही जल।

3
सब ने कहा
बेलगाम था घोड़ा
रुकता कैसे!

4
नंगा भिखारी
वृक्ष बिना पहाड़
कब ढकेंगे!

शुक्रवार, 24 मई 2024

अंततः

पक्षी ने अनुभव किया 

उसका अंत निकट है 

पंख शिथिल हो रहे हैं 

अधिक साथ नहीं दे पा रहे 

तो क्या विश्राम कर लूं ? 

अंतिम विश्राम!

फिर सोचा 

जब विश्राम ही करना है तो 

एक ऊँची उड़ान भर लूँ 

कदा चित नई ऊंचाई छू लूं 

अनंत तक 

अंत तक 

उड़ चला 

ऊँचा 

ऊँचा 

और अधिक ऊँचा 

अनंत की ओर 

अंततः। 


Alien Alans and Shepherd Children!

 The tiny alien was wandering aimlessly in the darkness of the night. He couldn't understand anything. He was wondering, "Where did...