ग़ज़ल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
ग़ज़ल लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 27 अप्रैल 2025

मेरा शत्रु!

 मैंने 

अपने शत्रुओं से पूछा? 

मेरा सबसे प्रमुख शत्रु कौन है ? 

वह बोला- तू स्वयं! 

जो आस्तीन नहीं मोड़ता कभी !

गुरुवार, 25 जुलाई 2019

ग़ज़ल

मैंने कब भूलना चाहा था तुमको, 

तुम थे कि मुझे कभी याद न आये।

... 

चाहता था हमेशा  दोस्ती  करना तुमसे,


तुम दुश्मनी की रस्म निभा के चले गए।







शनिवार, 22 जून 2019

याद

मैं जानता था कि तुम मुझे भूल न पाओगे ,
इसलिये आता हूँ बार बार यादों में तुम्हारी ।

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...