गुरुवार, 4 जुलाई 2024

तिनका

 किसी को भी 

तिनका मत समझो 

परिस्थितियां अनुकूल हो तो 

हवा के साथ उड़कर 

तिनका भी 

आँख में घुस जाता है।

अकेला नही...!

कभी भी कोई 
न अकेला आता है 
न ही जाता है 
उसके साथ आते 
और साथ जाते हैं 
उसके कर्म 
पिछले जन्म के 
और अगले जन्म के लिए। 

आपके पाँव

गीले फर्श पर 

अपने पाँव 

मत रखियेगा मोहतरमा 

बेहद बेडौल है

दाग पड जाएंगे। 

भीगा क्यों?

मैं अकेला नहीं था 

बरसात थी 

वह साथ थी 

उसके हाथ मे छाता था।

फिर भी मैं भीग रहा था, 

क्योंकि

वह काफी ठिगनी थी। 

तब तक [#TabTak]

  वह वापस आए  जो छोड़ गये थे  किन्तु, तब तक हम  आगे बढ़ चुके थे.