बुधवार, 12 जून 2019

इंतज़ार

बड़ी देर तक
इंतज़ार करते रहे वह
मेरी घड़ी बन्द थी
मैं समय का इंतज़ार करता रहा । 

बदनामी

तुम चाहते तो
परिचय
मॉंग सकते थे मेरा ।
पर तुमने ठीक समझा
 बदनाम करना मुझे । 

काला धन, कन्या धन


पिता ने जमा कर दिया था

काला धन

गरीब के

जन धन में

अमीर की बेटी के लिए

बन गया कन्या धन

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...