सोमवार, 18 जुलाई 2022

मन तोता


मन तोता होता है

हरी मिर्ची सा

लोहे के पिंजरे में

'मिट्ठू बेटा

राम राम बोलो' कहता

पिंजरा खोल दो

तो क्या

कहाँ जाएगा !

लौट कर फिर वापस आएगा

पंख है

पर शक्ति कहाँ

फड़फड़ाता सिर्फ

मन  तोते सा।

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...