शनिवार, 24 अगस्त 2019

अब भी !

बच्चा छोटा था 
वैसे ही, जैसे दूसरे बच्चे होते हैं 
बड़ी बड़ी मीठी बातें करने वाला 
बच्चा बड़ा हो गया है 
फिर भी 
बड़ी बड़ी, मीठी बातें करता है 
अब नेता हो गया है बच्चा 
आह, बड़ा अब भी नहीं हुआ । 

कैसे !!!

मुझे याद है
पिता ने सिखाया था चलना मुझे
यहॉं तक
कि, कैसे पकड़नी है उँगली !
कैसे नहीं छोड़ना है साथ !
मुझे हमेशा याद रही
उनकी यह सीख ।
इसे मैं कैसे भूल गया तब !
कमर दर्द से बेहाल पिता
जब सीधे चल नहीं पाते थे ।
झुक गयी थी कमर उनकी
अपनी उँगली पकड़ा नही पाया थोड़ा झुक कर
देखता रहता उदासीन उनको
बाथरूम जाते घिसटते हुए ।
कैसे भूल गया था मैं ? 

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...