शनिवार, 30 अगस्त 2025

सब कुछ समाप्त!

 जब वर्षा हो रही होती है

पक्षियों का कलरव बंद हो जाता है 

वह सहम जाते हैं 

 दुबक जाते है 

जब बादल गरजता हैं 

बिजली कड़कती है 

बच्चे माँ की गोद मे सिमट जाते है 

सभी घोंसले मे छुप हो जाते हैं 

अब वृक्ष  अछा लेगा 

कि तभी 

जोरदार बिजली कड़कती है 

बादल गर्जना करते है 

बिजली गिरती है 

सीधा वृक्ष पर 

सब कुछ समाप्त ।


माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...