शुक्रवार, 24 मई 2024

अंततः

पक्षी ने अनुभव किया 

उसका अंत निकट है 

पंख शिथिल हो रहे हैं 

अधिक साथ नहीं दे पा रहे 

तो क्या विश्राम कर लूं ? 

अंतिम विश्राम!

फिर सोचा 

जब विश्राम ही करना है तो 

एक ऊँची उड़ान भर लूँ 

कदा चित नई ऊंचाई छू लूं 

अनंत तक 

अंत तक 

उड़ चला 

ऊँचा 

ऊँचा 

और अधिक ऊँचा 

अनंत की ओर 

अंततः। 


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