बुधवार, 13 अप्रैल 2022

जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड बनाम राम नवमी जलूस पर पत्थरबाजी

आज जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड को 103 साल हो गये.  इस हत्याकाण्ड को याद रखने की जरूरत केवल इसलिए नहीं कि इसमें 1500 से ज्यादा निर्दोष लोग मारे गए थे,बल्कि इसलिए भी याद करने की जरूरत है कि इन लोगों पर गोली चलाने के आदेश एक अंग्रेज अधिकारी ने दिए थे,  पर गोली चलाने वाले हाथ भारतीय थे. जनरल डायर ने सिख रेजिमेंट और गोरखा रेजिमेंट के लोहे से भारतीयों का लोहा काटा था. यह बंदूकें डायर की तरफ घूम जाती तो भारत का स्वतंत्रता का इतिहास कुछ अलग होता.  पर पूरी दुनिया मे ब्रिटिश साम्राज्य को बदनामी दिलाने वाले इस हत्याकांड के बाद पंजाब में विद्रोह नहीं हुआ था.



हालात आज भी वही हैं. हिन्दुओं के आराध्य राम अवतार दिवस पर निकाले जा रहे रामनवमी के जुलूस पर शहर शहर पत्थर बरसाने वाले मुसलमानों की एक मस्जिद पर कुछ अराजक चढ़ क्या गए नपुंसक हिन्दुओ की कथित सहिष्णुता जार जार आँसू बहाने लगी. जबकि पत्थरबाजों की कौम के किसी सेकुलर ने साँस तक नहीं ली थी.



हो सकता है कि उस समय अगर आज के यह हिन्दू अंग्रेजो ने वजीफे पर रखे होते तो यह कहते कि हम आज्ञाकारी है.  साहब बहादुर ने मना किया था तो इस भीड़ को जुटना नही चाहिए था. 

शुक्रवार, 25 फ़रवरी 2022

सोशल मीडिया के विदेश मंत्रियों की बजबजाती गली

सोशल मीडिया के विदेश मंत्रियों की दशा देखनी हो उनकी गली चले जाइए. गली की नाली बज- बजा रही है.  गंदा पानी भरा हुआ है. यह विदेश मंत्री घर का दरवाजा खोलते हैं. पानी भरा देख कर दो काम कर सकते है यहलोग.  या तो सफाई कर्मचारी को बुदबुदाहट में (ध्यान रखियेगा कि यह समस्या इनके सोशल मीडिया पेज पर नहीं आयेगी. सफ़ाई कर्मचारी पर चिल्लाने की औकात नहीं. पैंट की सीयन जो उधडी हुई है) कोसते हुए घर मे दुबक जाएंगे या फिर दूसरों द्वारा लगाई गई ईंटों पर डिस्को करते हुए गुजर जाएंगे. भारत सरकार को विदेश नीति समझाने वाले नाली मे फंसी ईंट या कचरा को डंडे से धकेल कर बाहर नहीं कर सकते ताकि नाली खुल जाये और गली में भरा पानी निकल जाये. इनके कलेजे मे इतनी जान ही नहीं कि बीवी या मोहल्ले वालों या गली के शरारती बच्चों से कह सकें कि कूड़ा नाली मे मत फेंका करो, बच्चों से कह सके कि खेलते हुए ईंट नाली मे मत डालो. हिम्मत ही नहीं है इन सोशल मीडिया वाले विदेश मंत्रियों की.

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2022

दर्द

जब घुटनों में दर्द होता है 

मैं बाम नहीं लगाता
न लगाने देता हूं किसी को 
तब याद आती है माँ 
उसके घुटने भी दर्द करते थे 
किसी से मलवाती नहीं थी
अपने कमजोर हाथों से घुटने सहलाती 
बाम लगा लेती
इसीलिए बाम नहीं लगाता 
मैं महसूस करना चाहता हूं 
माँ का दर्द.

अदृश्य सत्य

मैंने सत्य से पूछा- 
सत्य क्या है?
सत्य मुस्कुराया, बोला- 
मैं तुम्हारे सामने खड़ा हूँ, यह सत्य है.  
तब असत्य क्या है ?
मेरे प्रश्न पूछते ही 
सत्य अदृश्य हो गया.

गुरुवार, 9 दिसंबर 2021

माँ दुर्गा - तीन हाइकू

 शक्ति स्वरूपा

सिंह वाहिनी दुर्गा 

जय जय हो. 

२ - 

भक्त जागते
झिलमिल सितारे 
नव रात्रि मे.

३- 

नारी शक्ति है 
प्रकृति भी नारी 
सर्वत्र नारी.  

शनिवार, 13 नवंबर 2021

कोहरा और पिता



शीत रात्रि के बाद

सूर्योदय से पहले 

पिता घर आते थे

द्वार खोलती थी माँ 

ओस से भीगे पिता 

और 

गति से अंदर आता कोहरा 

देख कर 

सिहर जाता मैं 

आज भी याद कर.

शनिवार, 6 नवंबर 2021

अनन्त आकाश

आकाश 

तुम अनन्त हो

शायद इसलिए

कि मैं तुम्हें

उस विस्तार तक देख नहीं सकता 

छू नहीं सकता 

अशक्तता मेरी 

अक्षमता मेरी 

मैं समझता हूँ 

तुम अनंत हो 

आकाश!

Alien Alans and Shepherd Children!

 The tiny alien was wandering aimlessly in the darkness of the night. He couldn't understand anything. He was wondering, "Where did...