गुरुवार, 17 जुलाई 2014

रविवार, 29 जून 2014

दांत, बच्चे और कोख

मैं बबूल हूँ
मेरे नज़दीक रहो
कांटे चुभेंगे
स्वाद में कड़वा हूँ
फिर भी
सलामत रहेंगे
तुम्हारे दांत !
२-
जीत रहा था मैं
फिर भी हार गया 
क्योंकि, उन्हें
हारना पसंद नहीं
बच्चे ऐसे ही होते हैं.
३-
 कोख
किराये की नहीं होती
कोख
माँ की होती है.

दर्द

उफ्फ!
सांप काटता है
तड़पता है
कुछ तो बात है
आदमी में.
२-
जो
उतारता है ज़हर  
कितना होगा
उसमे ज़हर !
३-
नींद
सपना
और आँखें
पहले कौन!
४-
धूमकेतु
राजनीति के
हैं बहुतेरे 
पूंछ
हिलाते हुए .
५-
माँ का दर्द
महंगाई नहीं
भ्रष्टाचार है
जेब भर लाता है
रोज बेटा .

गुरुवार, 19 जून 2014

बेटे तो बेटे होते हैं

बेटे तो बेटे होते हैं
एक माँ
सुबह उठ जाती
बेटे के लिए नाश्ता बनाती
उसे जगाती
नहलाती धुलाती
बस्ते में टिफ़िन रख कर
स्कूल बस तक छोड़ आती
एक दूसरी माँ
बेटे को अलार्म घडी से जगवाती
उसका नाश्ता
रात में सैंडविच बना कर रख देती
बेटे को अलार्म घड़ी उठाती
बेटा नहा कर स्कूल चला जाता
बेटे तो बेटे होते हैं
बेटे पढ़ लिख गए
बड़े आदमी बन गए
पर माँ के लिए '
बेटे तो बेटे होते हैं
इसलिए, दोनों बेटो ने
अपनी अपनी  माँ को
घर से निकाल दिया
क्योंकि,
बेटे तो बेटे होते हैं.


रविवार, 15 जून 2014

पिता की उंगली

आज पहली बार
मुझे एहसास हुआ
पिता के न होने का
ठोकर लगी
मैं लड़खड़ाया
घुटनों के बल गिर पड़ा
क्योंकि,
थामने को नहीं थी
पिता की उंगली .

Alien Alans and Shepherd Children!

 The tiny alien was wandering aimlessly in the darkness of the night. He couldn't understand anything. He was wondering, "Where did...