गुरुवार, 30 जनवरी 2025

मेरे विचार!

मैं चुप रहा 

क्या मैं डर गया 

चुप्पी का डर। 



2-

सब चल रहे थे 

मैं भी चला 

चलता चला गया  

पता नहीं कहाँ निकल आया 

वापसी कैसे करूँ   !



3-

किसी ने कहा था 

कुछ ने सुना था 

सभी सुनने वालों ने 

निकाले मतलब 

अपने मतलब के ।


4- 

समझ लो 

कोई नहीं बोल रहा 

कोई बोलेगा भी नहीं 

क्या सब गूंगे है ? 

नहीं 

सब बहरे हैं ।


5- 

अरे वाह ! 

चारो तरफ सन्नाटा है 

कितनी शांति है! 

नहीं, 

कुछ देर पहले बम फटा था ।

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...