शनिवार, 27 नवंबर 2010

लकीरें

मेरे माथे पर
चिंता की
गहरी लकीरें हैं।
बचपन में मेरी माँ को
ज्योतिष ने बताया था कि
मेरे माथे की लकीरें बताती हैं कि
मैं बहुत भाग्यशाली हूँ,
बहुत बड़ा आदमी बनूँगा।
इसीलिए मेरी माँ ने मुझे
बहुत लाड दिया और प्यार किया।
मैंने पढाई पर ध्यान नहीं दिया
घूमता फिरता रहा ।
आज मैं अकेला हूँ,
माँ मर चुकी है।
आज मैं बेकार हूँ,
क्यूंकि मैं माथे की लकीरें पढ़ता रहा,
मैंने पोथी नहीं पढी।
इसीलिए मेरे माथे पर चिंता की लकीरें हैं
पर अब मैं उन्हें नहीं पढ़ता
क्योंकि
मैंने कभी
उन्हें ठीक से
पढ़ा ही नहीं।

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