शुक्रवार, 10 जून 2016

चौराहे पर

हर चौराहे पर
खडी कर दी हैं
दीवारें
यह दीवारे रोकती नहीं
रोकना
प्रतिरोध को जन्म देता है
क्रांति की ओर  पहला कदम है
यह दीवारे
आदमी को भटकाती हैं
क्योंकि,
भटका हुआ आदमी
कभी वापस नहीं आ पाता 

माँ का दूध, बच्चे की प्यास !

  बच्चा रो रहा था  भूख से,  प्यास से नहीं।   बोला- माँ भूख लगी है,  कुछ खिला।  घर में कुछ  नहीं था  आज तो रोजी भी नहीं मिली थी,   रोटी कहाँ ...